Bhoramdeo Temple (भोरमदेव) | Chhattisgarh History in Hindi

Bhoramdeo Temple

Bhoramdeo (भोरमदेव) मंदिर भोरमदेव (Bhoramdeo) भगवान शिव को समर्पित हिंदू मंदिरों का एक परिसर जो भारत के छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्थित है। इसमें चार मंदिरों का एक समूह शामिल है जो ईंट से बने नवीनतम मंदिरों से एक है। इसका प्रमुख मंदिर पत्थरों से बनाया गया है | कामुक मूर्तियों के साथ स्थापत्य की विशेषताओं… Continue reading Bhoramdeo Temple (भोरमदेव) | Chhattisgarh History in Hindi

Nag vansh (नागवंश) | Chhattisgarh Hindi history notes

Chhattisgarh में Nag vansh का बहुत पुराण इतिहास है इस लेख  में महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे है। जो आने वाली छत्तीसगढ़ PSC के लिए उपयोगी साबित होगी। छत्तीसगढ़ में नागवंश (Nag vansh) की दो शाखाओं का उल्लेख मिलता है :- कवर्धा में फणिनाग वंश  बस्तर में छिंदकनाग वंश  बस्तर में छिंदक नाग वंश … Continue reading Nag vansh (नागवंश) | Chhattisgarh Hindi history notes

Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes

Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes  – छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास (सोमवंश ) सोम वंश (som vansh) का शासन छत्तीसगढ़ के कांकेर राज्य में 1125 ई. से 1344 ई. तक था। सिंहराज इस वंश के संस्थापक थे। कुछ इतिहास कार द्वारा माना जाता है की सोम वंश पाण्डु वंश की एक शाखा… Continue reading Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes

Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes

Naal Vansh - नल वंश - CG History - CG Hindi Notes

 Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes Chhattisgarh history notes – About Naal Vansh इस वंश के संस्थापक शिशुक (290-330 ई.) था , परन्तु वास्तविक संस्थापक वराहराज (330-370ई.) को माना जाता है। नल वंश का शासन छत्तीसगढ़ में 5 -12 ई. तक था। इनका शासन क्षेत्र बस्तर ( कोरापुट –… Continue reading Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes

Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History

Faninaag vansh - फणिनाग वंश - Hindi Notes - CG History

Faninaag vansh – फणिनाग वंश Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History – Important notes कवर्धा का फणिनाग वंश छत्तीसगढ़ की एक शाखा फणिनाग वंश ने 9 वीं से 15वीं सदी तक कवर्धा के आस पास शासन किया । ये अपनी उत्पत्ति अहि एवं जतकर्ण ऋषि की कन्या मिथिला से मानते… Continue reading Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History