Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes

Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes  – छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास (सोमवंश ) सोम वंश (som vansh) का शासन छत्तीसगढ़ के कांकेर राज्य में 1125 ई. से 1344 ई. तक था। सिंहराज इस वंश के संस्थापक थे। कुछ इतिहास कार द्वारा माना जाता है की सोम वंश पाण्डु वंश की एक शाखा… Continue reading Som vansh (सोमवंश) in CG – Chhattisgarh history notes

Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History

Faninaag vansh - फणिनाग वंश - Hindi Notes - CG History

Faninaag vansh – फणिनाग वंश Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History – Important notes कवर्धा का फणिनाग वंश छत्तीसगढ़ की एक शाखा फणिनाग वंश ने 9 वीं से 15वीं सदी तक कवर्धा के आस पास शासन किया । ये अपनी उत्पत्ति अहि एवं जतकर्ण ऋषि की कन्या मिथिला से मानते… Continue reading Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History

Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल | Chhattisgarh History Notes

Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल की सम्पूर्ण जानकारी यहाँ प्रदान की गई है इसमें Prehistoric Times -प्रागैतिहासिक काल से प्राप्त जानकारी तथा कलाकृति जो प्राप्त हुई है की सम्पूर्ण जानकारी दी गई है तथा साथ ही साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्र जहाँ से प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Times) से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हुई है उसके… Continue reading Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल | Chhattisgarh History Notes

( पाण्डु वंश ) छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास

Pandu vansh in CG – Chhattisgarh history Hindi notes -छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास (पाण्डु वंश ) पाण्डुवंशियों ने शरभपुरीय राजवंश को पराजित करने के बाद श्रीपुर को अपनी राजधानी बनाया। ईस्वी सन छठी सदी में दक्षिण कौसल के बहुत बड़े क्षेत्र में इन पाण्डुवंशियों का शासन था।इस वंश का शासन 6 ई से 7 वी… Continue reading ( पाण्डु वंश ) छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास