Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes

Naal Vansh - नल वंश - CG History - CG Hindi Notes

 Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes Chhattisgarh history notes – About Naal Vansh इस वंश के संस्थापक शिशुक (290-330 ई.) था , परन्तु वास्तविक संस्थापक वराहराज (330-370ई.) को माना जाता है। नल वंश का शासन छत्तीसगढ़ में 5 -12 ई. तक था। इनका शासन क्षेत्र बस्तर ( कोरापुट –… Continue reading Naal Vansh – नल वंश – CG History – CG Hindi Notes

Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History

Faninaag vansh - फणिनाग वंश - Hindi Notes - CG History

Faninaag vansh – फणिनाग वंश Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History – Important notes कवर्धा का फणिनाग वंश छत्तीसगढ़ की एक शाखा फणिनाग वंश ने 9 वीं से 15वीं सदी तक कवर्धा के आस पास शासन किया । ये अपनी उत्पत्ति अहि एवं जतकर्ण ऋषि की कन्या मिथिला से मानते… Continue reading Faninaag vansh – फणिनाग वंश – Hindi Notes – CG History

Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल | Chhattisgarh History Notes

Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल की सम्पूर्ण जानकारी यहाँ प्रदान की गई है इसमें Prehistoric Times -प्रागैतिहासिक काल से प्राप्त जानकारी तथा कलाकृति जो प्राप्त हुई है की सम्पूर्ण जानकारी दी गई है तथा साथ ही साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्र जहाँ से प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Times) से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हुई है उसके… Continue reading Prehistoric Times – प्रागैतिहासिक काल | Chhattisgarh History Notes

Rajrshi tuly vansh – राजर्षि तुल्य वंश – Cg History – Hindi Notes

Rajrshi tuly vansh - राजर्षि तुल्य वंश - Cg History - Hindi Notes

Rajrshi tuly vansh – राजर्षि तुल्य वंश – Cg History – Hindi Notes – Chhattisgarh history notes Rajrshi tuly vansh – राजर्षि तुल्य वंश ( सुर वंश ):-  राजर्षि तुल्य वंश ने दक्षिण कोशल पर 5 वीं 6 वीं शताब्दी तक शासन किया था,इस वंश की स्थापना शुर ने की थी इसलिए इसे सुर वंश… Continue reading Rajrshi tuly vansh – राजर्षि तुल्य वंश – Cg History – Hindi Notes

Veer Gundadhur (वीर गुण्डाधूर) – Chhattisgarh freedom fighter story

Veer Gundadhur (वीर गुण्डाधूर)  गुण्डाधूर (Veer Gundadhur) का जन्म बस्तर के नेतानार नामक गाँव में हुआ था. अंग्रेज सरकार ने वहाँ बैजनाथ पण्डा नाम के एक व्यक्ति को दीवान के पद पर नियुक्त किया था. दीवान बैजनाथ पण्डा आदिवासियों का शोषण करता और उन पर अत्याचार करता था. बस्तर के लोग त्रस्त थे. बस्तर के अधिकांश… Continue reading Veer Gundadhur (वीर गुण्डाधूर) – Chhattisgarh freedom fighter story